बहस के बाद बेटे का भयावह कदम, माता-पिता की हत्या धुले में
धुले। महाराष्ट्र के धुले जिले के शिरपुर शहर से पारिवारिक रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक बेहद खौफनाक वारदात सामने आई है। यहाँ की महावीर सोसायटी में एक कलयुगी बेटे ने मामूली बात पर उपजे पारिवारिक विवाद के बाद अपने ही सगे माता-पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले दोहरे हत्याकांड के बाद से पूरे रिहायशी इलाके में भारी आक्रोश और खौफ का माहौल बना हुआ है।
शादी की खुशियों के बीच उपजा विवाद और पत्नी के सामने अपमान का गुस्सा
मृतक बुजुर्ग दंपति अपनी बेटी की शादी संपन्न कराने के बाद शुक्रवार की दोपहर को ही बेहद खुशी-खुशी अपने घर वापस लौटे थे। पूरे घर में अभी विवाह उत्सव की चहल-पहल और उल्लास का माहौल बना ही हुआ था कि इसी बीच किसी घरेलू बात को लेकर आपस में कहासुनी शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान माता-पिता ने अपने बेटे चंदन इंदाराम महतो को उसकी पत्नी के सामने कुछ कड़े और अपमानजनक शब्द कह दिए थे, जिसे वह बर्दाश्त नहीं कर सका और उसका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
मूसल से सिर पर किए ताबड़तोड़ वार और मौके पर ही थम गईं सांसें
पत्नी के सामने हुए इस तीखे अपमान से तिलमिलाए चंदन महतो ने अपना आपा खो दिया और घर में रखा एक भारी मूसल उठा लिया। उसने तैश में आकर सबसे पहले अपनी मां रांजुदेवी महतो के सिर पर मूसल से जोरदार हमला किया और जब पिता इंदाराम महतो बीच-बचाव करने आए, तो उसने उन पर भी एक के बाद एक कई जानलेवा वार कर दिए। हमला इतना भीषण और सटीक था कि दोनों बुजुर्ग खून से लथपथ होकर वहीं जमीन पर गिर पड़े और अत्यधिक चोट लगने के कारण मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
भागते हुए आरोपी को पड़ोसियों ने दबोचा और पुलिस ने लिया हिरासत में
इस रोंगटे खड़े कर देने वाले अपराध को अंजाम देने के बाद आरोपी बेटा मौके से रफूचक्कर होने की फिराक में था, लेकिन घर के भीतर से आ रही चीख-पुकार को सुनकर आस-पड़ोस के लोग तुरंत वहां इकट्ठा हो गए। पड़ोसियों ने तत्परता और अदम्य साहस का परिचय देते हुए भाग रहे चंदन को मौके पर ही दबोच लिया और तुरंत शिरपुर थाना पुलिस को मामले की सूचना दी। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए मौके पर पहुंचकर आरोपी को अपनी हिरासत में ले लिया, जबकि चश्मदीदों के अनुसार गिरफ्तारी के वक्त भी आरोपी के चेहरे पर अपने माता-पिता को खोने का कोई मलाल या पछतावा नहीं दिख रहा था।
