कोर्ट परिसर में खूनी खेल: नीरज उर्फ कातिया की सार्वजनिक हत्या
सोनीपत। हरियाणा के खरखौदा अदालत परिसर में शनिवार को उस समय चीख-पुकार और दहशत का माहौल बन गया, जब पेशी के लिए आए एक युवक की सरेआम अंधाधुंध गोलियां बरसाकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। दिनदहाड़े अंजाम दी गई इस दुस्साहसिक वारदात से कोर्ट परिसर में मौजूद वकीलों, कर्मचारियों और आम लोगों में भगदड़ मच गई। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद चारों तरफ खौफ का साया पसरा हुआ है और सुरक्षा के दावों पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
पारिवारिक विवाद के चलते कोर्ट पहुंचे युवक पर जानलेवा हमला
मूल रूप से झज्जर के गांव दूबलधन और वर्तमान में गुरुग्राम के सेक्टर-37सी में रहने वाले नीरज उर्फ कातिया का अपनी पत्नी नीतू के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था। पत्नी द्वारा साल 2019 में दर्ज कराए गए दहेज उत्पीड़न के एक मामले की सुनवाई के सिलसिले में ही नीरज शनिवार को खरखौदा कोर्ट में हाजिर होने आए थे। जैसे ही वह अदालत की कार्यवाही निपटाकर परिसर से बाहर निकले और पास ही स्थित लघु सचिवालय के मुख्य द्वार के पास पहुंचे, तभी वहां पहले से घात लगाकर बैठे अपराधियों ने उनकी गाड़ी को जोरदार टक्कर मारी और फिर बिना संभलने का मौका दिए उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।
कार सवार हमलावरों की अंधाधुंध फायरिंग और मौके पर ही मौत
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हत्यारे एक ब्रेजा कार में सवार होकर बेहद आक्रामक अंदाज में आए थे, जिन्होंने नीरज को निशाना बनाते हुए करीब चार से पांच गोलियां उनके शरीर में उतार दीं। गोलियों की आवाज से पूरा इलाका गूंज उठा और नीरज लहूलुहान होकर वहीं जमीन पर गिर पड़े। वारदात के समय नीरज के साथ मौजूद उनके कुछ दोस्तों और साथियों ने उन्हें बचाने तथा संभालने की पुरजोर कोशिश की, लेकिन घाव इतने गहरे थे कि उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जिसके बाद हमलावर अपनी तेज रफ्तार गाड़ी से फरार होने में कामयाब रहे।
पुलिस अधिकारियों का दौरा और साक्ष्य जुटाने की कवायद तेज
न्यायालय परिसर जैसी सुरक्षित जगह पर इस तरह की बड़ी वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और एसीपी जोगिंद्र शर्मा भारी पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने पूरे इलाके को सील करके अपनी प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है, जिसके तहत फोरेंसिक टीम की मदद से मौके से जरूरी सबूत जुटाए जा रहे हैं। इसके साथ ही हमलावरों के भागने के रूट और उनकी पहचान स्थापित करने के लिए कोर्ट और सचिवालय के आसपास लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रही है, ताकि जल्द से जल्द आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
