देशभर में आज गूंजेगा मोबाइल सायरन: NDMA कर रहा इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम का ट्रायल, जानें आपके फोन पर कब आएगा मैसेज

नई दिल्ली। आपातकालीन संचार व्यवस्था को परखने के लिए केंद्र सरकार आज पूरे देश में एक 'मॉक ड्रिल' आयोजित कर रही है। इसके तहत मोबाइल फोन पर एक चेतावनी संदेश भेजा जाएगा, जिसके साथ एक तेज सायरन जैसी आवाज और वाइब्रेशन महसूस होगा। यह परीक्षण संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग (DoT) और NDMA द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है।

सायरन बजने पर क्या करें?

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अलर्ट को देखकर घबराएं नहीं।

  • कोई कार्रवाई जरूरी नहीं: यह केवल एक सुरक्षा जांच है। मैसेज मिलने पर आपको न तो कोई जवाब देना है और न ही किसी लिंक पर क्लिक करना है।

  • उद्देश्य: इस सिस्टम को गृह मंत्री अमित शाह और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा लॉन्च किया जा रहा है, ताकि संकट के समय हर नागरिक तक तत्काल सूचना पहुंचाई जा सके।

समय और स्थान: कब और कहां होगा परीक्षण?

आंध्र प्रदेश और देश के अन्य प्रमुख हिस्सों के लिए समय निर्धारित कर दिया गया है:

  1. समय: मोबाइल पर यह परीक्षण संदेश सुबह 11:15 बजे से दोपहर 12:15 बजे के बीच भेजे जाएंगे।

  2. क्षेत्र: दिल्ली-एनसीआर समेत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानियों में यह ड्रिल आयोजित की जा रही है।

  3. अपवाद: सुरक्षा कारणों से सीमावर्ती क्षेत्रों (बॉर्डर एरिया) में यह टेस्ट नहीं किया जाएगा। साथ ही, जिन राज्यों में वर्तमान में चुनाव प्रक्रिया चल रही है, वहां भी यह अलर्ट नहीं भेजा जाएगा।


पश्चिम बंगाल में क्यों नहीं हो रहा टेस्ट?

पश्चिम बंगाल में आज यह परीक्षण नहीं किया जा रहा है। इसका कारण दक्षिण 24 परगना जिले के 15 मतदान केंद्रों पर चल रहा पुनर्मतदान (Re-polling) है। चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह का व्यवधान न हो, इसलिए राज्य को फिलहाल इस ड्रिल से बाहर रखा गया है।


क्यों जरूरी है यह अलर्ट सिस्टम?

इस तकनीक का मुख्य लक्ष्य उन आपदाओं के प्रति सचेत करना है जहां समय बहुत कम होता है। यह सिस्टम निम्नलिखित स्थितियों में जीवनरक्षक साबित होगा:

  • प्राकृतिक आपदाएं: सुनामी, भीषण भूकंप, अचानक बाढ़ या आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी।

  • मानव निर्मित दुर्घटनाएं: औद्योगिक गैस रिसाव, रासायनिक खतरा या अन्य आपातकालीन स्थितियां।