87 हजार से ज्यादा सर्टिफिकेट रद्द? BMC में घोटाले का बड़ा खुलासा
मुंबई में 'बर्थ सर्टिफिकेट' घोटाला: 87 हजार से ज्यादा प्रमाणपत्र होंगे रद्द, 4 अधिकारी निलंबित, राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी उठे सवाल
मुंबई। देश की सबसे अमीर महानगरपालिका, बीएमसी एक बार फिर विवादों के घेरे में है। इस बार मामला फर्जी जन्म प्रमाणपत्रों से जुड़ा है, जिसे लेकर भाजपा नेता किरीट सोमैया ने मोर्चा खोल रखा है। इस घोटाले के सामने आने के बाद बीएमसी प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।
क्या है पूरा घोटाला?
बीएमसी ने आधिकारिक तौर पर 1 जनवरी 2016 से सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) पोर्टल को अपना लिया था। नियम के अनुसार, सभी जन्म-मृत्यु पंजीकरण इसी पोर्टल पर होने चाहिए थे।
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पुराने सिस्टम का खेल: आरोप है कि कुछ अधिकारियों ने मिलीभगत कर बीएमसी के पुराने और बंद हो चुके SAP सिस्टम का इस्तेमाल किया और पिछले तीन वर्षों में हजारों फर्जी प्रमाणपत्रों का री-रजिस्ट्रेशन कर दिया।
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आंकड़ों की बाजीगरी: 2024 से 2026 के बीच आधिकारिक CRS पोर्टल पर केवल 33,772 प्रविष्टियां हुईं, जबकि बंद पड़े SAP सिस्टम में 87,149 एंट्री दर्ज पाई गईं।
सालों के हिसाब से फर्जी पंजीकरण का ब्यौरा:
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वर्ष 2024: 30,507 प्रमाणपत्र
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वर्ष 2025: 48,705 प्रमाणपत्र
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वर्ष 2026: 7,135 प्रमाणपत्र
किरीट सोमैया का एक्शन और पुलिस शिकायत
पूर्व सांसद किरीट सोमैया जुलाई 2025 से इस घोटाले को उजागर करने के लिए लगातार सबूत पेश कर रहे थे। उन्होंने सोशल मीडिया (X) पर जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और बीएमसी कमिश्नर का जांच के आदेश देने के लिए आभार व्यक्त किया।
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पुलिस में शिकायत: मामले की गंभीरता को देखते हुए सोमैया आज शाम आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे।
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा
मुंबई की मेयर रितु तावड़े और किरीट सोमैया ने इस मामले को केवल भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि 'राष्ट्रीय सुरक्षा' से जुड़ा मुद्दा बताया है। आशंका जताई जा रही है कि:
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इन फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल अवैध घुसपैठियों को भारतीय नागरिकता दिलाने और कानूनी पहचान देने के लिए किया गया हो सकता है।
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बिना किसी अनुमति के पुराने सिस्टम में बदलाव कर देश की सुरक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ किया गया है।
अब तक की कार्रवाई
इस मामले में बीएमसी ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए अब तक 4 स्वास्थ्य अधिकारियों (Health Officers) को निलंबित कर दिया है। कई वार्डों के मेडिकल ऑफिसर्स भी जांच के दायरे में हैं। प्रशासन का कहना है कि इन सभी 87,149 संदिग्ध प्रमाणपत्रों की स्क्रूटनी की जा रही है और अवैध पाए जाने पर इन्हें तत्काल निरस्त कर दिया जाएगा।
