घेराव के बीच वाटर कैनन का इस्तेमाल, कई कार्यकर्ता गिरीं बेहोश
जयपुर में भाजपा सरकार की खेल नीतियों, मनरेगा योजना में कटौती और प्रदेश में बढ़ते नशे के प्रचलन के विरोध में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के खेलकूद प्रकोष्ठ ने राज्यपाल और सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदेश अध्यक्ष अमीन पठान के नेतृत्व में खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान नीतियों के कारण प्रदेश में खेल, रोजगार और युवाओं का भविष्य संकट में है। मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत कांग्रेस का नारनौल कोर्ट में धरना , एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ज्ञापन में कहा गया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में खेल बजट में कटौती, खेल सुविधाओं की कमी, ग्रामीण और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की अनदेखी, खेल मैदानों पर अतिक्रमण और अधूरे स्टेडियम जैसे मुद्दे बढ़ रहे हैं। खिलाड़ियों को समय पर प्रोत्साहन राशि, छात्रवृत्ति और टीए-डीए नहीं मिलने का भी आरोप लगाया गया। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में 600 रुपये प्रतिदिन और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 1000 रुपये प्रतिदिन का अनुदान तय था, जो अब कागजी प्रक्रिया तक सीमित रह गया है।
पदक अनुदान और नियुक्तियों पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को दी जाने वाली अनुदान राशि में कटौती की गई है। उनका कहना है कि अब वर्ष में कितने भी पदक जीतने पर केवल एक बार राशि देने का प्रावधान किया जा रहा है। आउट ऑफ टर्न नियुक्ति के तहत भर्ती हुए कई खिलाड़ियों की नौकरियां विभागीय नियमों के कारण संकट में बताई गई हैं और प्रशासन द्वारा उनकी सुनवाई नहीं होने का आरोप भी लगाया गया। नई भर्ती नीति में खिलाड़ियों को लाभ नहीं मिलने की बात भी ज्ञापन में कही गई।
‘मनरेगा कटौती से बढ़ेगी आर्थिक असुरक्षा’
मनरेगा को लेकर कांग्रेस ने इसे ग्रामीण गरीब, मजदूर, किसान और बेरोजगार युवाओं के लिए जीवनरेखा बताया। बजट और कार्यदिवसों में कटौती से ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी, पलायन और आर्थिक असुरक्षा बढ़ने की आशंका जताई गई। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि कई खिलाड़ी और युवा मनरेगा के माध्यम से अपनी आर्थिक जरूरतें पूरी कर खेल गतिविधियों से जुड़े रहते हैं, लेकिन कटौती से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है।
विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस कार्रवाई
इन मुद्दों को लेकर ज्ञापन के साथ विधानसभा घेराव का एलान किया गया। इसके तहत कांग्रेस कार्यकर्ता 22 गोदाम में एकत्र हुए। मौके पर पुलिस ने वाटर कैनन का उपयोग किया और हल्का बल प्रयोग कर कार्यकर्ताओं को पीछे हटाया। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी हुई। वाटर कैनन की चपेट में आने से कुछ महिला कार्यकर्ता घायल और बेहोश हो गईं।
