अमृतसर। बैसाखी और खालसा साजना दिवस मनाने पाकिस्तान गया 2238 सिख श्रद्धालुओं का जत्था रविवार को वाघा-अटारी सीमा के रास्ते भारत लौट आया। यह जत्था 10 अप्रैल को पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए रवाना हुआ था।

आध्यात्मिक यात्रा और बेहतर इंतजाम

श्रद्धालुओं ने ननकाना साहिब, पंजा साहिब और करतारपुर साहिब सहित कई पवित्र स्थलों पर माथा टेका। जत्थे में शामिल मुख्तार सिंह और सर्बजीत सिंह ने बताया कि पाकिस्तान सरकार द्वारा सुरक्षा, लंगर और आवास के अच्छे प्रबंध किए गए थे। यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण रही और श्रद्धालुओं ने गुरुधामों के दर्शन कर खुद को धन्य महसूस किया।

कड़ी सुरक्षा और निगरानी

श्रद्धालुओं के अनुसार, इस बार पाकिस्तानी एजेंसियां सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क दिखीं। पूरे प्रवास के दौरान जत्थे को कड़ी निगरानी में रखा गया। सुरक्षा कारणों से श्रद्धालुओं की कई बार गिनती की गई और अलग-अलग पूछताछ भी हुई। किसी भी श्रद्धालु को जत्थे से अलग होकर अकेले जाने की अनुमति नहीं थी।