सांसद ने घटना को बताया गंभीर लापरवाही का नतीजा
गुरदासपुर| पंजाब के गुरदासपुर में एक दिन पहले भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास पंजाब पुलिस के दो जवानों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (कमांडो) गुरनाम सिंह और होमगार्ड अशोक कुमार के शव भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट दोरांगला सेक्टर में स्थित पुलिस चेक पोस्ट से मिले थे। दोनों को गोलियां मारी गई थीं। अब इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। गुरदासपुर से सांसद और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने इस घटना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक विस्तृत पत्र लिखा है। रंधावा ने इस घटना को मात्र एक अपराध नहीं, बल्कि देश के सुरक्षा तंत्र की तीन-स्तरीय विफलता करार दिया है।सांसद रंधावा ने पत्र में सनसनीखेज खुलासा किया है कि जिस संयुक्त चेकपोस्ट पर एएसआई गुरनाम सिंह और होमगार्ड जवान अशोक कुमार की हत्या हुई, वहां सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की निर्धारित टुकड़ी ड्यूटी के लिए पहुंची ही नहीं थी। उन्होंने बताया कि अगली सुबह भी समय पर कोई रिलीविंग पार्टी नहीं पहुंची और घटना का पता तब चला जब स्थानीय लोगों ने दोनों जवानों की लाशें देखी।रंधावा ने सवाल उठाया है कि अति-संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र में निगरानी और समन्वय की इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई? उन्होंने मांग की है कि जब तक पेशेवर जांच पूरी न हो जाए, इसे आतंकवादी हमला मानकर ही जांच की जाए। इस त्रासदी के लिए इंटेलिजेंस फेलियर, भारी चूक और पंजाब में नियमित डीजीपी की अनुपस्थिति और बढ़ते गैंगस्टर-नार्को-टेरर नेटवर्क के बीच नेतृत्व की कमी स्पष्ट नजर आ रही हैरंधावा ने कहा कि यह घटना सीमा सुरक्षा और हमारे जवानों के प्रति ड्यूटी ऑफ केयर की गंभीर अवहेलना है। सांसद ने गृह मंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की अपील करते हुए दिल्ली में उच्च स्तरीय बैठक बुलाने, समयबद्ध जांच करवाने, सीमावर्ती क्षेत्रों में इलेक्ट्रॉनिक अटेंडेंस और रीयल-टाइम लोकेशन मॉनिटरिंग अनिवार्य करने की मांग की है इसी के साथ रंधावा ने अमित शाह को सुझाव दिया कि वे अपनी आगामी पंजाब यात्रा (मोगा और अन्य जिलों) के दौरान राजनीतिक कार्यक्रमों से पहले पीड़ित परिवारों से मिलें। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री का शोक संतप्त परिवारों के पास जाना सीमावर्ती आबादी और सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाने के लिए आवश्यक है।
