नितेश राणे का कांग्रेस पर तीखा हमला: बोले- मोदी सरकार दे रही महिलाओं को हक, पर कांग्रेस बन रही रोड़ा

सिंधुदुर्ग: महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री और भाजपा विधायक नितेश राणे अपने निर्वाचन क्षेत्र सिंधुदुर्ग के दौरे पर हैं। इस दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर केंद्र की एनडीए (NDA) सरकार की जमकर तारीफ की और कांग्रेस को महिला विरोधी करार दिया।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर बड़ी बात

नितेश राणे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'नारी शक्ति बिल 2023' पारित कर महिलाओं को राजनीति में नेतृत्व का अधिकार दिया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि सरकार अब इस कानून को जनगणना और परिसीमन की शर्तों से अलग कर जल्द से जल्द लोकसभा और विधानसभा में लागू करने की दिशा में काम कर रही है। राणे ने आरोप लगाया कि जैसे-जैसे मोदी सरकार महिलाओं को अधिकार दे रही है, कांग्रेस इसमें अड़चनें पैदा करने की कोशिश कर रही है।

"हर महिला हितैषी फैसले का विरोध करती है कांग्रेस"

भाजपा नेता ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि जब भी महिलाओं के विकास के लिए कोई कदम उठाया गया, कांग्रेस उसके खिलाफ खड़ी हुई। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा:

  • तीन तलाक: जब मोदी सरकार तीन तलाक के खिलाफ कानून लाई, तो कांग्रेस ने विरोध किया।

  • लाडकी बहिन योजना: महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस की सरकार जब 'मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना' लेकर आई, तब भी कांग्रेस ने अड़ंगे लगाए।

आरक्षण की शर्तों को हटाने की तैयारी

गौरतलब है कि सितंबर 2023 में पारित हुए 106वें संविधान संशोधन (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के लागू होने के लिए पहले जनगणना और परिसीमन की शर्त रखी गई थी। हालांकि, केंद्र सरकार ने 16 अप्रैल 2026 से इस कानून को प्रभावी कर दिया है और अब इसे तकनीकी बाधाओं से मुक्त कर सीधे लागू करने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। इस कानून के पूर्ण रूप से प्रभावी होने के बाद विधायिकाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित हो जाएंगी।