मुंब्रा की गुमशुदगी ने खोला मर्डर का राज, पुलिस ने किया खुलासा
ठाणे: महाराष्ट्र के मुंब्रा क्षेत्र में घटित हुई एक जघन्य और सनसनीखेज हत्या की वारदात ने पूरे प्रशासनिक अमले और स्थानीय निवासियों को झकझोर कर रख दिया है। अवैध संबंधों, आर्थिक लेनदेन के विवाद और धोखे की बुनियाद पर रची गई यह खौफनाक साजिश शुरुआत में एक सामान्य गुमशुदगी का मामला प्रतीत हो रही थी, लेकिन गहन तकनीकी तफ्तीश के बाद यह एक जटिल मर्डर मिस्ट्री के रूप में सामने आई। मुंब्रा थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझा लिया है और घटना में संलिप्त मुख्य महिला सहित चार आरोपियों को दबोचकर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
गुमशुदगी की रिपोर्ट और तकनीकी सुरागों से खुला राज
मृतक अरबाज के अचानक लापता होने के बाद जब परिजनों को काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो उन्होंने स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी सेल की मदद ली और लापता युवक के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन ट्रैकिंग और संदिग्ध मार्गों के सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया। इन तमाम वैज्ञानिक साक्ष्यों के विश्लेषण के दौरान पुलिस को अरबाज की अंतिम लोकेशन वर्सोवा इलाके में मिली, जिसके बाद जांच की सुई एक विवाहित महिला की तरफ घूम गई और पूरी साजिश की कड़ियां एक-एक कर जुड़ती चली गईं।
अवैध संबंधों के जाल में बुलाकर खूनी वारदात को अंजाम
पुलिसिया तफ्तीश में यह बात पुख्ता तौर पर सामने आई कि अरबाज का मेहजबीन शेख नामक एक विवाहित महिला के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। हिरासत में लिए जाने के बाद शुरुआत में तो महिला ने अधिकारियों को गुमराह करने और मनगढ़ंत कहानियां सुनाने का प्रयास किया, परंतु जब पुलिस ने उसके सामने लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड के अकाट्य प्रमाण रखे, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। मुख्य आरोपी महिला ने अपने पति हसन शेख, भाई तारिक शेख और एक करीबी मित्र मोज्जम पठान के साथ मिलकर अरबाज को वर्सोवा बुलाया था जहाँ पहले उससे मोटी रकम ऐंठने की कोशिश की गई और इनकार करने पर उसे बंधक बनाकर प्लास्टिक के पाइपों से इस कदर पीटा गया कि उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
साक्ष्य मिटाने के लिए ड्रम में बंद कर बहाया शव
क्रूरतापूर्वक हत्या की इस वारदात को अंजाम देने के बाद कानून के शिकंजे से बचने के लिए आरोपियों ने सबूतों को नष्ट करने की एक सोची-समझी योजना तैयार की। उन्होंने मृतक के शव को छिपाने के उद्देश्य से उसे एक हरे रंग के बड़े प्लास्टिक ड्रम में ठूंस दिया और फिर रात के अंधेरे का फायदा उठाकर उसे एक सुनसान इलाके में स्थित गहरे नाले में फेंक दिया। आरोपियों को पूरा विश्वास था कि शव के इस तरह डिस्पोजल किए जाने के बाद पुलिस कभी भी उन तक नहीं पहुंच पाएगी और यह मामला हमेशा के लिए फाइलों में दफन हो जाएगा।
कानून का शिकंजा और धाराओं के तहत अगली कार्रवाई
अपराधियों की तमाम चालाकियों के बावजूद मुंब्रा पुलिस की सूझबूझ और सटीक सर्विलांस के आगे उनकी यह साजिश नाकाम साबित हुई। पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए न केवल वारदात में इस्तेमाल किए गए साक्ष्यों को बरामद किया है बल्कि चारों नामजद आरोपियों मेहजबीन, हसन, तारिक और मोज्जम को आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस प्रशासन अब इन सभी के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश रचने और साक्ष्यों को छुपाने जैसी गंभीर धाराओं के तहत कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर अदालत में सख्त चार्जशीट पेश करने की तैयारी कर रहा है।
