महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव 2026: नेताओं की किस्मत और सीटों की जंग
नागपुर। महाराष्ट्र के बदलते राजनीतिक परिदृश्य के बीच राज्य विधान परिषद (एमएलसी) की 17 सीटों के लिए चुनावी बिगुल फूंक दिया गया है। राज्य के मौजूदा सियासी समीकरणों को देखते हुए इस बार का यह मुकाबला बेहद कड़ा और दिलचस्प होने की उम्मीद है। इन 17 सीटों में से 16 सीटों पर नियमित चुनाव हो रहे हैं, जबकि नागपुर की एक सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है। नागपुर सीट पर उपचुनाव की नौबत इसलिए आई क्योंकि यहाँ से निर्वाचित सदस्य चंद्रशेखर बावनकुले ने साल 2024 में विधानसभा का चुनाव जीतने के बाद परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था, जिससे यह सीट कार्यकाल के बीच में ही रिक्त हो गई थी।
ऐसा था पुराना दलीय गणित, इन बड़े चेहरों का कार्यकाल हो रहा समाप्त
यदि इन सीटों के पुराने दलीय संख्याबल को समझें, तो इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सबसे ज्यादा अपनी जमीन बचानी होगी। इन 17 सीटों में से पहले बीजेपी के पास 7, अविभाजित शिवसेना के पास 4, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के पास 3 और कांग्रेस के पास 2 सीटें थीं। इस बार कई कद्दावर नेताओं की सीटें दांव पर लगी हैं। इनमें सोलापूर से भाजपा के प्रशांत परिचारक, अहिल्यानगर से एनसीपी के अरुणकाका जगताप और ठाणे क्षेत्र से शिवसेना के रवींद्र फाटक जैसे बड़े नाम शामिल हैं, जिनका कार्यकाल राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा में रहा है।
इन प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों में देखने को मिलेगी कांटे की टक्कर
चुनाव के तहत राज्य के अलग-अलग हिस्सों में नए चेहरे और अनुभवी नेता अपनी किस्मत आजमाएंगे। जिन प्रमुख सीटों पर मतदान होना है, उनमें जलगांव से चंदूभाई पटेल, सांगली-सातारा से मोहनराव कदम, और नांदेड से अमर राजूरकर के क्षेत्र शामिल हैं। इसके साथ ही यवतमाल से दुष्यंत चतुर्वेदी, पुणे से अनिल भोसले, भंडारा-गोंदिया से परिणय फुके, और रायगड-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग से अनिकेत तटकरे की सीटों पर भी नए समीकरण देखने को मिलेंगे। अन्य क्षेत्रों में नासिक के नरेंद्र दराडे, वर्धा-चंद्रपूर-गढ़चिरौली के रामदास आंबटकर, अमरावती के प्रवीण पोटे और धाराशिव-लातूर-बीड से सुरेश धस की सीटों पर भी नए सिरे से बिसात बिछेगी।
परभणी से लेकर संभाजीनगर तक बदले समीकरण, स्थानीय निकायों पर नजर
इसके अतिरिक्त, परभणी-हिंगोली सीट से विप्लव बाजोरिया और छत्रपती संभाजीनगर-जालना से अंबादास दानवे के निर्वाचन क्षेत्रों में भी राजनीतिक दलों ने अपनी घेराबंदी शुरू कर दी है। चूंकि ये चुनाव स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्रों (Local Authorities' Constituencies) के अंतर्गत आते हैं, इसलिए अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि राज्य के स्थानीय जनप्रतिनिधि और मतदाता इस बार बदले हुए राजनैतिक गठबंधनों के दौर में किस पार्टी अथवा मोर्चे पर अपना भरोसा जताते हैं।
चुनाव आयोग ने जारी किया कार्यक्रम; 1 जून तक दाखिल होंगे नामांकन
केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, इन सीटों के लिए आधिकारिक अधिसूचना 25 मई 2026 को जारी कर दी जाएगी। अधिसूचना जारी होते ही उम्मीदवार अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। चुनाव के लिए तय की गई अन्य महत्वपूर्ण तारीखें इस प्रकार हैं:
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नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि: 1 जून 2026
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नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी (जांच): 2 जून 2026
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नाम वापसी (विड्रॉल) की आखिरी तारीख: 4 जून 2026
