फरीदकोट। साल 2015 के बहुचर्चित कोटकपूरा गोलीकांड मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने केस की सुनवाई फरीदकोट अदालत से चंडीगढ़ की जिला अदालत में स्थानांतरित करने के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश हाई कोर्ट के जस्टिस त्रिभुवन दहिया की अदालत द्वारा सुनाया गया। इस मामले में केस के आरोपी तत्कालीन आईजी परमराज सिंह उमरानंगल और तत्कालीन एसएसपी मोगा चरनजीत सिंह शर्मा ने याचिका दाखिल कर सुनवाई को पंजाब से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की हुई थी। याचिका में निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए केस को अन्य स्थान पर ट्रांसफर करने की अपील की गई थी। 

इस पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कोटकपूरा गोलीकांड से जुड़ी एफआईआर नंबर 129 और 192 को चंडीगढ़ जिला अदालत में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया। कोटकपूरा गोलीकांड 2015 में उस समय हुआ था जब बरगाड़ी बेअदबी की घटना के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने फायरिंग की थी। इस घटना में कई लोग घायल हुए थे और यह मामला लंबे समय से पंजाब की राजनीति और न्यायिक प्रक्रिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। 

गौरतलब है कि इससे पहले भी वर्ष 2015 के बरगाड़ी बेअदबी केस से जुड़े तीन अन्य मामलों तथा बहिबल गोलीकांड केस की सुनवाई भी चंडीगढ़ जिला अदालत में स्थानांतरित की जा चुकी है। कोटकपूरा गोलीकांड केस में एसआईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधिकारियों के साथ साथ तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की थी। इस केस में उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल समेत तमाम पुलिस अधिकारियों को जमानत मिली हुई है। 

इस फैसले की पुष्टि करते हुए फरीदकोट में बचाव पक्ष के वकील अमित गुप्ता ने बताया कि अब कोटकपूरा गोलीकांड से जुड़े मामलों की सुनवाई भी बेअदबी व बहिबल गोलीकांड मामलों की तरह 
चंडीगढ़ की जिला अदालत में ही होगी, जिससे इन मामलों की आगे की कार्रवाई एक ही स्थान पर केंद्रित हो जाएगी। चूंकि सभी घटनाएं एक दूसरे से जुड़ी हुई है और गवाह भी सेम है, इससे सुनवाई प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है और न्यायिक प्रक्रिया अधिक पारदर्शी हो सकेगी।