दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के सेवा अभियान से प्रभावित हुए CM नायब सैनी
जालंधर:हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नूरमहल स्थित दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के आश्रम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संस्था द्वारा धर्म तथा आध्यात्मिकता के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ-साथ सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे अभूतपूर्व कार्यों की खुलकर प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के संस्थान समाज को सही दिशा देने और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कामधेनु गौशाला, जैविक कृषि और आयुर्वेद प्रकल्पों का लिया जायजा
आश्रम प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संस्थान द्वारा संचालित कामधेनु गौशाला, जैविक कृषि और आयुर्वेदिक उत्पादों से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने आश्रम में चल रहे इन प्रकल्पों को ध्यान से देखा और कहा कि इन प्रयासों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, जनस्वास्थ्य और भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपराओं को सहेजने का कार्य बेहद सराहनीय और अनुकरणीय है।
नेत्रहीनों के स्वावलंबन और गोवंश संरक्षण अभियानों पर हुई विस्तृत चर्चा
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के संस्थापक आशुतोष महाराज के प्रमुख शिष्यों स्वामी परमानंद, स्वामी विश्वानंद, स्वामी गिरिधरानंद, स्वामी उमेश आनंद और स्वामी गुरु कृपानंद ने मुख्यमंत्री को संस्थान के सेवा कार्यों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि संस्थान का ‘दृष्टि प्रकल्प’ दृष्टिहीन व्यक्तियों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए निरंतर समर्पित है। इसके साथ ही भारतीय नस्लों की गायों के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी संस्थान द्वारा लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
संस्थान प्रबंधन ने मुख्यमंत्री को किया सम्मानित, सांस्कृतिक संरक्षण का संकल्प दोहराया
कार्यक्रम के अंत में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के प्रतिनिधियों द्वारा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का भव्य स्वागत और विशेष सम्मान किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संस्थान के सभी प्रतिनिधियों को सामाजिक व सांस्कृतिक उत्थान के इन महान कार्यों के लिए शुभकामनाएं दीं। वहीं संस्थान के प्रतिनिधियों ने भी समाज, गोवंश और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए सेवा कार्यों को और अधिक विस्तार देने का संकल्प व्यक्त किया।
