NEET विवाद पर अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार को घेरा
नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट-यूजी 2026' को सरकार ने पेपर लीक के गंभीर आरोपों के बाद रद्द करने का बड़ा फैसला लिया है। नई दिल्ली में 3 मई को आयोजित हुई इस परीक्षा में लाखों छात्र शामिल हुए थे, लेकिन अब पेपर लीक की खबरों ने उनके भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया है। सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी पूरी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार परीक्षा की निष्पक्षता से समझौता हुआ था, इसलिए इसे दोबारा कराने का निर्णय लिया गया है।
केजरीवाल का हमला: "पेपर नहीं, यह मिलीभगत का खेल है"
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह पहली बार नहीं है जब कोई बड़ा पेपर लीक हुआ है। केजरीवाल के अनुसार, 2017 से अब तक कई बार पेपर लीक हो चुके हैं, लेकिन दोषियों को कड़ी सजा न मिलने के कारण यह सिलसिला थम नहीं रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब राजनीतिक संरक्षण और मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। केजरीवाल ने छात्रों के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि गरीब माता-पिता अपनी जमीन बेचकर बच्चों को कोचिंग कराते हैं, और ऐसे में पेपर लीक होना उनके साथ बहुत बड़ा धोखा है।
राहुल गांधी के तीखे बोल: "नीट अब परीक्षा नहीं, नीलामी बन गई है"
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी पेपर लीक को लेकर सरकार पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि नीट अब एक परीक्षा नहीं रह गई है, बल्कि यह एक 'नीलामी' में बदल गई है जहाँ छात्रों का भविष्य बाजार में बेचा जा रहा है। राहुल गांधी ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि पिछले 10 सालों में 89 बार प्रश्नपत्र लीक हुए हैं और 48 बार परीक्षाओं को दोबारा आयोजित करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि लाखों छात्र दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन परीक्षा से कुछ घंटे पहले ही पेपर व्हाट्सएप पर बिकने लगते हैं, जो बेहद शर्मनाक है।
सियासी पारा चढ़ा और सीबीआई जांच शुरू
NEET परीक्षा रद्द होने के बाद देश भर में विरोध प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया है। दिल्ली के शास्त्री भवन पर छात्रों और विपक्षी कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स पर चढ़कर जमकर नारेबाजी की। विपक्ष का कहना है कि सरकार बार-बार वादे तो करती है, लेकिन ठोस कार्रवाई के नाम पर चुप्पी साध लेती है। अब सबकी नजरें सीबीआई जांच पर टिकी हैं। सरकार ने कहा है कि परीक्षा की नई तारीखों का ऐलान जल्द ही किया जाएगा ताकि पारदर्शी तरीके से दोबारा परीक्षा संपन्न कराई जा सके।
