महाराष्ट्र। के अमरावती जिले के धारणी (मेलघाट क्षेत्र) में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 2,000 लीटर क्षमता वाले बल्क मिल्क कूलर केंद्र का उद्घाटन किया। यह सुविधा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) की पहल है। इस कार्यक्रम को नागपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि यह मेलघाट जैसे पिछड़े क्षेत्र के लिए बदलाव की शुरुआत है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से स्थानीय दुग्ध उत्पादकों को सीधा फायदा होगा। किसानों का दूध सुरक्षित रहेगा, खराब नहीं होगा और उन्हें बेहतर दाम मिल सकेंगे। इससे रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। गडकरी ने कहा कि मेलघाट सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ा इलाका है, इसलिए यहां विकास जरूरी है। उन्होंने बताया कि मदर डेयरी भी इस क्षेत्र में किसानों को पशु चिकित्सा और तकनीकी मार्गदर्शन देगी। मेलघाट में एक लाख लीटर दूध उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।

पूर्व सांसद और शिक्षाविद जनार्दन वाघमारे का निधन 

प्रख्यात शिक्षाविद और पूर्व राज्यसभा सदस्य डॉ. जनार्दन वाघमारे का सोमवार सुबह महाराष्ट्र के लातूर शहर में बीमारी के बाद निधन हो गया। उनकी उम्र 91 वर्ष थी। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, वाघमारे को तबीयत खराब होने के बाद 24 जनवरी को यहां के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने सोमवार तड़के करीब 8 बजे अपने आवास पर अंतिम सांस ली। वह एनसीपी के संस्थापक शरद पवार के करीबी सहयोगी थे और शिक्षा, साहित्य और सार्वजनिक सेवा में उनके आजीवन योगदान के लिए उन्हें व्यापक रूप से सराहा गया था। वाघमारे स्वामी रामानंद तीर्थ मराठवाड़ा विश्वविद्यालय, नांदेड़ के संस्थापक और कुलपति थे।

नागपुर में विस्फोटक फैक्ट्री में भीषण धमाके में 18 की मौत

महाराष्ट्र के नागपुर जिले के काटोल तहसील के राउलगांव में स्थित एसबीएल एनर्जी लिमिटेड की फैक्ट्री में रविवार सुबह जोरदार धमाका हुआ। इस हादसे में 18 मजदूरों की जलकर मौत हो गई, जबकि 24 लोग घायल हुए हैं। धमाका सुबह करीब 7 बजे डेटोनेटर पैकिंग यूनिट में हुआ। पुलिस के अनुसार, शव बुरी तरह जल गए हैं और पहचान के लिए डीएनए जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। राहत कार्य में एनडीआरएफ और अन्य टीमें लगी रहीं। राष्ट्रपति मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी ने दुख जताया। पीएम ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की। राज्य सरकार ने भी 5 लाख रुपये देने का ऐलान किया है। इस हादसे से राउलगांव और आसपास के गांवों में शोक की लहर है, क्योंकि कई मृतक महिलाएं इन्हीं गांवों की थीं।