राजकोट (गुजरात): साइबर अपराधियों और बैंक अधिकारियों के नापाक गठबंधन का पर्दाफाश करते हुए राजकोट (देहात) पुलिस ने तीन बैंकर्स को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने बैंकिंग नियमों को ताक पर रखकर धोखेबाजों को फर्जी खाते उपलब्ध कराए।

इन अधिकारियों की हुई गिरफ्तारी

राजकोट (देहात) के पुलिस अधीक्षक (SP) विजय गुर्जर ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साझा की है:

  • मौलिक कमानी: यस बैंक (पधारी) में निजी प्रबंधक।
  • कल्पेश डांगरिया: एक्सिस बैंक (जामनगर) में प्रबंधक।
  • अनुराग बलधा: एचडीएफसी बैंक में निजी बैंकर।

कैसे करते थे अपराधियों की मदद?

पुलिस जांच के अनुसार, इन अधिकारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण थी:

  • संदेहास्पद खातों का प्रबंधन: मौलिक कमानी ने पहले से पकड़े गए आरोपियों को संदिग्ध बैंक खाते खोलने और उन्हें सुचारू रूप से चलाने में तकनीकी सहायता दी।
  • फर्जी पहचान का खेल: कल्पेश डांगरिया पर आरोप है कि उन्होंने गलत पहचान पत्रों और फर्जी दस्तावेजों के जरिए खाते खोलने में मदद की।
  • वेरिफिकेशन में हेराफेरी: अनुराग बलधा ने बैंक की सत्यापन और प्रमाणीकरण प्रक्रियाओं को दरकिनार कर गिरोह के लिए नए खाते सक्रिय किए।

संगठित गिरोह और बैंकिंग मिलीभगत

एसपी विजय गुर्जर ने बताया कि यह कोई छोटी-मोटी चोरी नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क है। जांच में सामने आया है कि:

  • बैंक अधिकारियों ने जानबूझकर उन खातों को सक्रिय रखा जिनका उपयोग संदिग्ध और अवैध लेन-देन के लिए किया जा रहा था।
  • धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल किए गए अधिकांश खाते फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तैयार किए गए थे।