देहरादून। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने वाले अभ्यर्थियों को अब परीक्षा केंद्रों का पता खोजने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) पर एक विशेष क्यूआर कोड मिलेगा, जिसे स्कैन करते ही वे सीधे अपने परीक्षा केंद्र की सटीक लोकेशन देख सकेंगे। इसके साथ ही, दोनों आयोगों के लिए भी परीक्षाओं के आयोजन हेतु केंद्रों का चुनाव करना बेहद आसान हो जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए राज्य लोक सेवा आयोग ने एक अत्याधुनिक 'परीक्षा केंद्र प्रबंधन सिस्टम' विकसित किया है।

एक बार पंजीकरण और केंद्रों का डिजिटल वर्गीकरण

इस नए पोर्टल की मदद से सभी परीक्षा केंद्रों को केवल एक बार ही अपना ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद दोनों आयोगों को हर नई परीक्षा के लिए अलग से केंद्रों की सूची तैयार करने या दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इन केंद्रों को उनकी बैठक क्षमता, उपलब्ध तकनीकी उपकरणों और बुनियादी संसाधनों के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा। इस वर्गीकरण का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि आयोग परीक्षा की संवेदनशीलता और परीक्षार्थियों की संख्या के अनुरूप सबसे उपयुक्त केंद्रों का चयन पलक झपकते ही कर सकेंगे।

स्वचालित ई-मेल और ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था

इस डिजिटल सिस्टम की एक अन्य बड़ी विशेषता इसकी स्वचालित सूचना प्रणाली है। परीक्षा केंद्रों को पंजीकरण से लेकर परीक्षा के दिन उपस्थित अभ्यर्थियों का ब्योरा भेजने तक, हर चरण की जानकारी और अलर्ट्स स्वतः ही एसएमएस और ई-मेल के जरिए मिलते रहेंगे। इसके अतिरिक्त, परीक्षा केंद्र अब इस पोर्टल के माध्यम से सीधे ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करा सकेंगे, जिससे रिकॉर्ड का रख-रखाव और निगरानी का काम पहले से कहीं अधिक पारदर्शी, सटीक और कागजी कार्रवाई से मुक्त हो जाएगा।

प्रदेश भर में अब तक 200 केंद्र पंजीकृत

आयोग के इस नए मैनेजमेंट सिस्टम के तहत अब तक राज्यभर के अलग-अलग जिलों से कुल 200 परीक्षा केंद्रों को पोर्टल पर जोड़ा जा चुका है। जिलावार आंकड़ों को देखें तो अब तक अल्मोड़ा के दो, बागेश्वर के नौ, चमोली के 24, चंपावत के 33, देहरादून के 31, हरिद्वार के आठ, नैनीताल के 17, पौड़ी के 21, पिथौरागढ़ के छह, रुद्रप्रयाग के 13, टिहरी का एक, ऊधमसिंह नगर के 19 और उत्तरकाशी के 16 केंद्र इस प्रणाली में नामांकित हो चुके हैं। आने वाले समय में कुछ और केंद्रों को भी इस आधुनिक व्यवस्था से जोड़ा जाएगा, जिससे परीक्षाओं का संचालन अधिक समयबद्ध और प्रभावी तरीके से संपन्न हो सके।