संगरूर से भगवंत मान का मास्टरस्ट्रोक, खेलों पर ₹1790 करोड़ खर्च करेगी सरकार
संगरूर: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए संगरूर में साढ़े नौ करोड़ (9.50 करोड़) रुपये की भारी-भरकम लागत से बनकर तैयार हुए एक हाईटेक और अत्याधुनिक स्विमिंग पूल का उद्घाटन किया है. इस मौके पर एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य के खिलाड़ियों के लिए एक और बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि पंजाब में खेल संस्कृति को बिल्कुल जमीनी स्तर से मजबूत करने के लिए अब राज्य में सभी प्रमुख खेलों के 'लीग मुकाबले' शुरू करवाए जाएंगे. इस नई व्यवस्था के जरिए हर गांव और कस्बे के प्रतिभावान युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का एक बेहतरीन मंच मिल सकेगा.
पिछली सरकारों के मुकाबले खेल बजट में किया रिकॉर्ड तोड़ इजाफा
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य की पिछली सरकारों पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौर में खेल बजट बेहद कम, महज 200 करोड़ रुपये के आसपास ही सिमट कर रह जाता था. बजट की इस भारी कमी के कारण पंजाब के होनहार खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए बुनियादी सुविधाएं और जरूरी उपकरण तक नसीब नहीं हो पाते थे. मुख्यमंत्री ने गर्व से कहा कि उनकी सरकार ने राज्य के खेल परिदृश्य को पूरी तरह बदलने और इसमें एक नई क्रांति लाने के लिए इस बार रिकॉर्ड तोड़ 1,790 करोड़ रुपये का खेल बजट आवंटित किया है. यह ऐतिहासिक बजट खेल और पंजाब के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को साफ तौर पर दर्शाता है.
ओलंपिक और एशियाई खेलों के लिए तैयार किए जाएंगे खिलाड़ी
मुख्यमंत्री ने आगे भरोसा दिलाते हुए कहा कि इस बड़े खेल बजट और तैयार किए जा रहे बेहतरीन बुनियादी ढांचे की बदौलत अब पंजाब के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं घर के पास ही मिलेंगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि अब राज्य के किसी भी प्रतिभावान खिलाड़ी का सफर पैसे या आधुनिक सुविधाओं की कमी के कारण नहीं थमेगा. सरकार का असली मकसद और मुख्य लक्ष्य गांव-गांव से छिपी हुई खेल प्रतिभाओं को खोजकर बाहर निकालना है. इन खिलाड़ियों को उचित ट्रेनिंग देकर ओलंपिक और एशियाई खेलों जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों के लिए तैयार किया जाएगा, ताकि पंजाब एक बार फिर से खेल की दुनिया में पूरे देश का नंबर-वन राज्य बनकर उभर सके.
