मानसून में भी जारी है आस्था की यात्रा, बदरीनाथ-केदारनाथ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की दस्तक और बदलते मौसम के बावजूद चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। श्री बदरीनाथ और श्री केदारनाथ धाम में देश-विदेश से भक्तों के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। हालांकि, मौसम के मिजाज को देखते हुए यात्रा की रफ्तार में पहले के मुकाबले थोड़ी आंशिक कमी जरूर दर्ज की गई है, लेकिन दोनों ही पवित्र धामों में दर्शन की व्यवस्था पूरी तरह से सुचारु रूप से संचालित की जा रही है। मंदिर प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों की मुस्तैदी के कारण बाबा केदार और भगवान बदरी विशाल के दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की बड़ी अव्यवस्था का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
श्रद्धालुओं की संख्या ने बनाया नया रिकॉर्ड
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी द्वारा साझा की गई ताजा जानकारी के अनुसार, दोनों मुख्य धामों में दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों का आंकड़ा एक नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रहा है। जून के अंत तक अकेले श्री बदरीनाथ धाम में 13 लाख 62 हजार 601 श्रद्धालु शीश नवा चुके हैं, जबकि श्री केदारनाथ धाम में भी 13 लाख 52 हजार 905 भक्तों ने बाबा के दर्शन का पुण्य लाभ प्राप्त कर लिया है। इस प्रकार, इस यात्रा सीजन में अब तक दोनों प्रमुख धामों को मिलाकर कुल 27 लाख 15 हजार 703 से अधिक श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचकर अपनी आस्था की हाजिरी लगा चुके हैं।
यात्रियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद
मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि मानसून के आगमन और पहाड़ी क्षेत्रों में होने वाली बारिश के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्थाओं को और अधिक कड़ा कर दिया गया है। मंदिर समिति पूरी तरह से सतर्क है और राज्य सरकार, जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ (SDRF) तथा चारधाम यात्रा से जुड़े तमाम अन्य सरकारी विभागों के साथ पल-पल का समन्वय बनाकर काम कर रही है। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और उन्हें मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता पर रखा गया है। इसके साथ ही, संवेदनशील रास्तों और मौसम की पल-पल बदलती परिस्थितियों पर भी कंट्रोल रूम के जरिए लगातार पैनी नजर रखी जा रही है।
मौसम देखकर ही यात्रा शुरू करने की अपील
बीकेटीसी अध्यक्ष ने चारधाम यात्रा पर आने वाले और यात्रा की योजना बना रहे सभी श्रद्धालुओं से एक विशेष और महत्वपूर्ण अपील भी की है। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है, इसलिए सभी श्रद्धालु अपने घरों से निकलने से पहले उत्तराखंड के मौसम संबंधी ताजा अपडेट अवश्य प्राप्त कर लें। इसके अलावा, शासन और स्थानीय प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी की जाने वाली आधिकारिक गाइडलाइंस व एडवाइजरी का पूरी तरह से पालन करें। उन्होंने श्रद्धालुओं को सलाह दी है कि मौसम अनुकूल होने पर ही आगे बढ़ें और किसी भी प्रकार की रुकावट आने पर धैर्य, संयम और अनुशासन बनाए रखें।
