बेगूसराय| फुलवरिया थाना क्षेत्र में कार्बन फैक्ट्री चौक के पास शुक्रवार शाम अज्ञात बदमाशों ने वॉशिंग सेंटर संचालक गणेश कुमार (26) की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिससे गोली लगने के बाद गणेश सड़क पर अचेत होकर गिर पड़े। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई है।

दुकान बंद कर घर लौट रहे थे गणेश कुमार

गणेश कार्बन फैक्ट्री के पास वॉशिंग सेंटर चलाते थे और इसी काम से अपने पूरे परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। उनके सहकर्मी प्रकाश कुमार शर्मा के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब छह बजे के बाद गणेश दुकान बंद करके घर जाने की तैयारी में थे। गणेश अपनी बाइक से आगे निकल गए थे, जबकि उनके साथी कुछ पीछे रह गए थे। इसी दौरान बाइक में अचानक तकनीकी परेशानी आने के कारण साथियों को कुछ देर के लिए रुकना पड़ा। जब गणेश आगे बढ़ते हुए कार्बन फैक्ट्री चौक के पास पहुंचे, तो घात लगाए बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाकर फायरिंग कर दी।

तीन गोलियां लगने के बाद सड़क पर गिरे गणेश

स्थानीय लोगों के मुताबिक, गोलियों की आवाज सुनते ही आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े, जहां गणेश गंभीर हालत में सड़क पर पड़े मिले। शुरुआती जानकारी के अनुसार उनके सीने और पेट में गोलियां लगी थीं। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने आसपास के इलाके में सघन छानबीन शुरू कर दी है, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारियां जुटाई जा रही हैं ताकि हमलावरों की जल्द से जल्द पहचान की जा सके।

बहन का गंभीर आरोप—जमीन छोड़ने के लिए मिल रही थीं धमकियां

मृतक गणेश की बहन रिंकी देवी ने इस हत्या के पीछे जमीन विवाद होने का बड़ा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनके परिवार को जमीन को लेकर पहले से लगातार धमकियां मिल रही थीं। रिंकी के मुताबिक, आरोपी पक्ष परिवार पर जमीन छोड़ने का भारी दबाव बना रहा था और जमीन का म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) नहीं होने देने की बातें भी कही जा रही थीं।

उन्होंने दावा किया कि लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर परिवार ने करीब दो-तीन महीने पहले फुलवरिया थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। परिवार ने तब पुलिस से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई थी। रिंकी का यह भी आरोप है कि पुलिस में शिकायत देने के बावजूद कोई अपेक्षित और ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अपनी सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए परिवार ने जमीन पर खुद सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए थे। हालांकि, पुलिस को पहले शिकायत दी गई थी या नहीं, उस पर क्या कार्रवाई हुई और हत्या का जमीन विवाद से सीधा संबंध है या नहीं, यह सब पुलिस की विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

तीन भाइयों में सबसे बड़े थे मृतक गणेश

परिजनों के अनुसार, गणेश तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। उनकी शादी हो चुकी थी और वह अपने परिवार की आर्थिक व सामाजिक जिम्मेदारियों को बखूबी संभाल रहे थे। उनकी अचानक हुई इस दर्दनाक हत्या के बाद से पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजन आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और इस पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।

पुलिस के सामने जांच के अहम और कड़े सवाल

गणेश हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में सिर्फ हमलावरों और शूटरों की पहचान करना ही एकमात्र चुनौती नहीं है, बल्कि परिवार की ओर से पहले से धमकी मिलने और थाने में पूर्व शिकायत किए जाने के दावों की सच्चाई का पता लगाना भी बेहद महत्वपूर्ण होगा। पुलिस को यह जांचना होगा कि क्या परिवार ने वास्तव में दो-तीन महीने पहले कोई शिकायत दी थी? यदि शिकायत दी गई थी, तो उस पर पुलिस द्वारा क्या कानूनी कार्रवाई की गई? क्या स्थानीय पुलिस को परिवार को मिल रही धमकियों की पूरी जानकारी थी? इन सभी सवालों के जवाब जांच आगे बढ़ने के साथ ही सामने आएंगे। फिलहाल पुलिस हत्या के असली कारणों, हमलावरों की पहचान और इस वारदात के पीछे किसी गहरी साजिश की भूमिका की गहनता से पड़ताल कर रही है।