कंगना रनौत का 'गटर जनरेशन' बयान फिर चर्चा में, सफाई में कही ये बात
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने जेन जी प्रदर्शनकारियों पर दिए गए अपने विवादास्पद 'गटर जनरेशन' वाले बयान पर सफाई दी है। संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिन मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका वह बयान देश के सभी युवाओं के लिए नहीं, बल्कि प्रदर्शनकारियों के एक विशिष्ट वर्ग के लिए था।
कंगना ने सभी युवाओं के अपमान के आरोपों को नकारा
युवा पीढ़ी का अपमान करने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कंगना रनौत ने कहा, 'जो लोग खुद को कॉकरोच कहते हैं, और हम यह कहते हैं कि कॉकरोच गटर से निकलते हैं, तो इसमें गलत क्या है? यदि लोग खुद को कॉकरोच मानते हैं और हम कहें कि गटर उनका घर है, तो उन्हें इस बात पर बुरा क्यों लगना चाहिए?'
उन्होंने साफ किया कि वे खुद को कभी कॉकरोच नहीं मानती हैं और यदि कोई उन्हें गटर में रहने वाला कहे, तो वे तुरंत इसका खंडन करेंगी। लेकिन जो लोग खुद को कॉकरोच बताते हैं, उनका ठिकाना भी वही होगा।
विशेष वर्ग को लेकर की गई थी टिप्पणी
कंगना ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी बात को पूरी युवा पीढ़ी पर लागू नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'यदि कुछ युवा नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं, या यदि हम ड्रग्स, सट्टेबाजी, जुए और डार्क वेब की लत जैसी मौजूदा समस्याओं पर बात कर रहे हैं, तो इसका मतलब यह कतई नहीं है कि मैं देश के सभी युवाओं के बारे में ऐसा सोचती हूं। क्या मैंने कभी यह कहा कि सभी युवा गटर से आते हैं? मैंने बहुत स्पष्ट रूप से केवल कुछ चुनिंदा लोगों का जिक्र किया था।'
क्या था पूरा विवाद?
यह पूरा मामला दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए उन प्रदर्शनों से जुड़ा है, जहां छात्र नीट (NEET) पेपर लीक के खिलाफ और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के बैनर तले एकत्र हुए थे। 20 जुलाई को 'चलो संसद' मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई कार्रवाई के बाद आंदोलन और तूल पकड़ गया था। हालांकि, सरकार द्वारा मांगें माने जाने के बाद 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ ही इस आंदोलन को वापस ले लिया गया था।
सोशल मीडिया पर साधा था निशाना
इस पूरे घटनाक्रम के बाद कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर विरोध प्रदर्शनों के वीडियो और उसमें इस्तेमाल की गई भाषा की तीखी आलोचना की थी। उन्होंने इसे बेहद बदसूरत और असहज करने वाला बताया था। इसी संदर्भ में 'गटर जनरेशन' शब्द का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने प्रदर्शनकारियों, विशेष तौर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के समर्थकों के तौर-तरीकों पर कड़ा ऐतराज जताया था।
