एशियाई खेलों के लिए भारत का दल होगा छोटा, 504 खिलाड़ियों के नाम भेजे गए; 30 क्रिकेटर शामिल
नई दिल्ली: आगामी एशियाई खेलों (Asian Games) में इस बार पिछले संस्करण की तुलना में भारतीय दल का आकार कुछ छोटा रहेगा। पिछली बार हांगझोउ एशियाड के दौरान भारत ने कुल 40 अलग-अलग खेलों में 661 सदस्यीय बड़ा दल मैदान में उतारा था, लेकिन इस बार भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने सरकार से 36 खेलों के लिए कुल 504 खिलाड़ियों को भेजने की विधिवत अनुमति मांगी है। प्रस्तावित सूची के अनुसार इस बार के दल में 275 पुरुष और 229 महिला खिलाड़ी शामिल किए गए हैं।
केंद्रीय खेल मंत्रालय की अंतिम मंजूरी मिलने के बाद भारतीय दल की यह संख्या या तो और अधिक घट सकती है या फिर इसमें मामूली फेरबदल देखने को मिल सकता है। वर्तमान में आईओए द्वारा 504 खिलाड़ियों के साथ-साथ 167 कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ तथा 68 अतिरिक्त टीम अधिकारियों को शामिल करने की अनुमति मांगी गई है।
क्रिकेट और शूटिंग टीमों के साथ तगड़ा सपोर्ट स्टाफ
क्रिकेट खेल के बड़े कद और महत्व को देखते हुए, पिछले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों के साथ सबसे बड़ा सहयोगी (सपोर्ट) स्टाफ भेजा जा रहा है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने पुरुषों की 15 सदस्यीय और महिलाओं की भी 15 सदस्यीय टीम के साथ 10-10 सदस्यों का विशेष सपोर्ट स्टाफ भेजने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, पिछले एशियाड में देश को सर्वाधिक 7 स्वर्ण समेत कुल 22 पदक दिलाने वाली भारतीय शूटिंग (निशानेबाजी) टीम 30 सदस्यों की है, जिसके साथ 15 सदस्यीय सपोर्ट स्टाफ की मांग की गई है।
कोचिंग स्टाफ में दिग्गजों को जिम्मेदारी
श्रेयस अय्यर की कप्तानी में मैदान पर उतरने वाली भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के रूप में वीवीएस लक्ष्मण को चुना गया है। इसके साथ ही, नेशनल क्रिकेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के स्पिन गेंदबाजी कोच और पूर्व टेस्ट क्रिकेटर सुनील जोशी को टीम का गेंदबाजी कोच, तथा अंडर-19 टीम के डेवलपमेंट कोच ऋषिकेश कानितकर को बल्लेबाजी कोच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दूसरी ओर, महिला क्रिकेट टीम की कमान अमोल मजूमदार संभालेंगे, जबकि उनके साथ गेंदबाजी कोच के रूप में अविष्कार साल्वी और फील्डिंग कोच के रूप में मुनीष बाली अपनी सेवाएं देंगे। पुरुष टीम के फील्डिंग कोच की जिम्मेदारी शुभदीप घोष संभालेंगे। खेल नियमों के मुताबिक कुल टीम सदस्यों का 33 प्रतिशत हिस्सा सपोर्ट स्टाफ को आवंटित किया जाता है। बीसीसीआई ने दोनों टीमों के 30 खिलाड़ियों के दल पर 10 सपोर्ट स्टाफ दिए हैं, जबकि 10 अतिरिक्त सपोर्ट स्टाफ की मांग अतिरिक्त टीम ऑफिशियल के रूप में की गई है।
कुल 759 सदस्यीय दल की भेजी गई है सूची
प्रस्तावित आंकड़ों के अनुसार 504 खिलाड़ी, 167 सपोर्ट स्टाफ और 69 अतिरिक्त टीम अधिकारियों को मिलाकर कुल 740 सदस्यों का मुख्य दल बनता है। इसके अतिरिक्त, चेफ डी मिशन सहदेव यादव की अगुवाई में 19 सदस्यीय आईओए प्रशासनिक दल भी इसमें शामिल है। इस प्रकार भारतीय ओलंपिक संघ ने सरकार से कुल 759 सदस्यीय दल को हरी झंडी दिखाने का आग्रह किया है। आईओए के इस आधिकारिक दल में चार डिप्टी चेफ डी मिशन, डॉ. दिनशा पारदीवाला की अध्यक्षता में 6 सदस्यीय मेडिकल स्टाफ और दो प्रेस अटैची भी शामिल हैं।
22.6 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से तैयार होगा दल
भारतीय ओलंपिक संघ ने एशियाई खेलों में देश के इस संपूर्ण दल को भेजने का अनुमानित खर्च लगभग 22.6 करोड़ रुपये आंका है। इस बजट में खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए सेरिमोनियल किट, प्लेइंग किट, पॉकेट अलाउंस (भत्ता), यात्रा टिकट और बीमा (इंश्योरेंस) का सारा खर्च शामिल है।
विभिन्न खेलों में सबसे बड़ा दल इस बार भी एथलेटिक्स (एथलीटों) का है, जिसमें 72 एथलीट और 26 सपोर्ट स्टाफ शामिल हैं। अकेले एथलेटिक्स दल पर तीन करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आने का अनुमान है, जबकि क्रिकेट के 50 सदस्यीय कुल दल पर लगभग एक करोड़ 84 लाख रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा, 58 सदस्यीय हॉकी दल पर दो करोड़ से अधिक तथा शूटिंग दल पर लगभग डेढ़ करोड़ रुपये खर्च होने का प्रावधान रखा गया है।
