यमुनानगर में फाइनेंसर हरभजन हत्याकांड में गैंगस्टर एंगल, सोशल मीडिया पोस्ट की जांच
यमुनानगर। मॉडल टाउन इलाके में एक जिम के बाहर फाइनेंसर हरभजन सिंह की सनसनीखेज हत्या के मामले में अब गैंगस्टर कनेक्शन सामने आने के बाद पुलिस ने सोशल मीडिया पर अपनी पड़ताल तेज कर दी है। शुभम पंडित के नाम से बनी एक नई इंस्टाग्राम प्रोफाइल से इस हत्याकांड की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है, जिसमें शुभम पंडित और रोहित गोदारा ग्रुप का उल्लेख है। साइबर सेल की मदद से पुलिस अब संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से संपर्क साधकर अकाउंट का डिजिटल फुटप्रिंट खंगाल रही है।
सोशल मीडिया पोस्ट में कई गैंगस्टरों का जिक्र और धमकी
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह पोस्ट किस आईपी एड्रेस, डिवाइस या लोकेशन से शेयर की गई है। पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि यह किसी गिरोह की वास्तविक करतूत है या जांच को उलझाने के इरादे से बनाई गई कोई फर्जी प्रोफाइल। इस अकाउंट से डाली गई यह पहली ही पोस्ट है।
पोस्ट में मृतक हरभजन सिंह को पूर्व विधायक दिलबाग सिंह का नजदीकी बताते हुए इस रिश्ते को ही हत्या की वजह करार दिया गया है, साथ ही उनके अन्य सहयोगियों को भी अंजाम भुगतने की धमकी दी गई है। इसके अलावा पोस्ट में काला राणा ग्रुप, गोगी मान ग्रुप, अरविंद गिल राणा, वीरेंद्र चरण, ऑस्ट्रेलिया स्थित कार्तिक पंडित और मोनू गुर्जर समेत कई मृत अपराधियों के नामों का भी उल्लेख किया गया है।
परिजनों का बयान और पुलिस की कार्रवाई
मृतक के पुत्र दिलबाग ने पुलिस को दिए बयान में पुष्टि की है कि उनके पिता के पूर्व विधायक दिलबाग सिंह के साथ घनिष्ठ पारिवारिक संबंध थे। परिजनों को आशंका है कि पूर्व विधायक की पुरानी रंजिश के चलते ही हरभजन सिंह को निशाना बनाया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने बताया कि डीएसपी के नेतृत्व में तीन विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो विभिन्न संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। वारदात को अंजाम देकर फरार हुए बाइक सवार शूटरों की पहचान और धरपकड़ के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
शुभम पंडित पर दर्ज हैं दर्जनों संगीन मामले
पुलिस अभिलेखों के मुताबिक, शुभम पंडित पर कत्ल, एक्सटॉर्शन (रंगदारी) जैसी गंभीर धाराओं में करीब 30 से 35 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। खेड़ी लक्खा सिंह क्षेत्र के तिहरे हत्याकांड में भी वह वांछित चल रहा है। उल्लेखनीय है कि आरोपी पूर्व में पूर्व विधायक दिलबाग सिंह के औद्योगिक प्रतिष्ठान पर भी फायरिंग की घटना को अंजाम दिलवा चुका है।
सुरक्षा व्यवस्था और लावारिस बैरिकेड्स पर उठे सवाल
वारदात के बाद पॉश इलाके मॉडल टाउन और आसपास सुरक्षा के मद्देनजर नाकाबंदी तो की गई, लेकिन कई बिंदुओं पर बैरिकेड्स के पास पुलिस बल की तैनाती न होने से स्थानीय निवासियों में रोष है। नागरिकों का कहना है कि वीआईपी क्षेत्र होने और पास में ही एसपी व मेयर के आवास होने के बावजूद केवल बैरिकेड खड़े कर देने से सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती; संदिग्ध वाहनों की सघन जांच के लिए जवानों की मौजूदगी अनिवार्य है।
शोक संतप्त परिवार से मिले पूर्व विधायक
वारदात के अगले दिन पूर्व विधायक दिलबाग सिंह दोपहर करीब एक बजे मृतक हरभजन सिंह के घर पहुंचे और शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने इस कठिन समय में परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। इधर, खतरे के मद्देनजर एहतियात बरतते हुए पुलिस प्रशासन ने फाइनेंसर के निवास पर सशस्त्र जवानों की तैनाती कर दी है।
